कोविन ऐप कब और कैसे कर सकेंगे डाउनलोड….आरोग्य सेतु का क्या होगा?

केंद्र सरकार ने फिलहाल हेल्थकेयर वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीनेट करने का अभियान शुरू किया है। यह करीब तीन करोड़ हैं और इन्हें वैक्सीनेट करने में अगस्त तक का वक्त लग सकता है। सरकार ने बाकी लोगों के लिए भी रजिस्ट्रेशन की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए चुनाव आयोग के डेटा का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस बीच, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार जल्द ही पात्र लोगों को सेल्फ-रजिस्ट्रेशन के लिए कोविन (CoWIN) प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने वाली है। आइए जानते हैं कि कैसे आप खुद को वैक्सीन के लिए रजिस्टर कर सकेंगे…

कोविन ऐप कब तक उपलब्ध होगा?

फिलहाल सरकार ने इसकी संभावित तारीख घोषित नहीं की है। कोविन ऐप लॉन्च भी नहीं किया है। कोविन वेबसाइट (www.cowin.gov.in) जरूर लॉन्च हो गई है। यह सिर्फ सरकारी अधिकारियों के लिए है। सरकार ही इस पर डेटा अपलोड कर रही है। सरकार ने 50 साल से ज्यादा उम्र वालों और कोमोरबिडिटी (जिन्हें पहले से कोई गंभीर बीमारी है) वाले कम उम्र के लोगों का डेटाबेस भी अपलोड करना शुरू कर दिया है। इसके लिए चुनाव आयोग के डेटा का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही कुछ राज्यों में सर्वे भी किया जा रहा है। हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीनेट करने के बाद इसे आम लोगों के लिए लॉन्च किया जा सकता है। ताकि आम लोग भी इस पर सेल्फ-रजिस्ट्रेशन कर सके। इसमें आधार वेरिफिकेशन का इस्तेमाल किया जाएगा।

कोविन पर क्या-क्या मिलेगा?

कोविन प्लेटफॉर्म में वैक्सीन के फैक्ट्री से निकलने से लेकर लगाने तक की जानकारी होगी। साथ ही जिन्हें वैक्सीन लगाई जाएगी, उनकी ट्रैकिंग भी इससे ही होगी। दूसरे डोज के बाद क्यूआर-बेस्ड वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट जारी होगा, जो मोबाइल में भी स्टोर हो सकेगा। कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क यानी कोविन प्लेटफॉर्म वैक्सीनेशन के टारगेट ग्रुप्स की पहचान में मदद करेगा। साथ ही यह उन लोगों को ट्रैक भी करेगा जिन्हें वैक्सीन लगाई जा चुकी है। इससे गड़बड़ियों को रोकने में मदद मिलेगी।

कोविन ऐप में क्या-क्या होगा?

ऐप लॉन्च होने पर तीन तरह के विकल्प मिलेंगे। सेल्फ-रजिस्ट्रेशन, व्यक्तिगत रजिस्ट्रेशन (एक अधिकारी डेटा अपलोडिंग में मदद करेगा) और बल्क अपलोड। 12 भाषाओं में टेक्स्ट मैसेज भेजेंगे ताकि जिन्हें वैक्सीन लगनी है उन्हें गाइड किया जा सके।

अगर किसी को लगता है कि उसका नाम इस प्लेटफॉर्म पर नहीं है तो वह जिला या ब्लॉक अधिकारी से संपर्क कर अपना नाम रजिस्टर कर सकेंगे। सेल्फ-रजिस्ट्रेशन भी करवा सकेंगे। जो लोग 50 साल से कम के है और दिल के रोगों या कैंसर से जूझ रहे हैं, उन्हें मेडिकल सर्टिफिकेट सिस्टम में अपलोड करना होगा।

राज्यों को जारी गाइडलाइंस में कहा गया है कि कोविन पोर्टल (cowin.gov.in) का इस्तेमाल करते हुए भी लोग सेल्फ-रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। इस प्लेटफॉर्म से राज्य और जिला स्तर पर एडमिन बनाया जाएगा। वैक्सीनेटर्स और सुपरवाइजर्स का डेटाबेस और कोविड-19 वैक्सीनेशन और अलोकेशन से जुड़ी सामग्री भी इस पर होगी।

आरोग्य सेतु ऐप का क्या होगा?

केंद्र सरकार ने कोविड-19 से जुड़े हेल्थ-रिलेटेड अपडेट्स के लिए सिंगल विंडो आरोग्य सेतु बनाया था। इसे 17 करोड़ लोगों ने डाउनलोड किया है। इसका इस्तेमाल भी अब दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीनेशन प्रोग्राम में होगा।

इस ऐप पर लोगों ने अपनी जानकारी दर्ज की है, जिससे स्वास्थ्य मंत्रालय को रेडीमेड डेटाबेस मिल गया है। ऐसे में आरोग्य सेतु पर ही सेल्फ-रजिस्ट्रेशन जैसे चुनिंदा विकल्पों को इंटीग्रेट करने की तैयारी की जा रही है। इससे लोगों को वैक्सीनेशन के लिए अलग से ऐप डाउनलोड नहीं करना पड़ेगा।

आरोग्य सेतु पर कोविन प्लेटफॉर्म से जुड़ी चुनिंदा जानकारी होगी। सिर्फ एनरोलमेंट और वैक्सीनेशन से जुड़े विकल्प मिलेंगे। बैक-एंड ऑपरेशन इस पर नहीं होंगे। यह मॉड्यूल फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स के वैक्सीनेशन के बाद जल्द ही एक्टिवेट होगा।

कोविन पर रजिस्ट्रेशन के बिना नहीं लगेगी वैक्सीन?

स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने साफ कर दिया है कि कोविन पर रजिस्ट्रेशन के बिना वैक्सीनेशन नहीं होगा। जो लोग कोविन पर रजिस्टर्ड होंगे, उनके लिए ही वैक्सीनेशन का QR बेस्ड सर्टिफिकेट जारी होगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का यह भी कहना है कि कोविन प्लेटफॉर्म आम लोगों के लिए लॉन्च नहीं हुआ है। कोविन नाम से कुछ ऐप लॉन्च हुए हैं, जो भ्रम फैला रहे हैं। उनसे बचने की जरूरत है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here