कॉफी हो सकती है आपके कैंसर के इलाज में सहायक

कॉफी का सेहत पर क्या प्रभाव है, अच्छा या बुरा, यह हमेशा ही बहस का मुद्दा रहा है। कॉफी के फायदे और नुकसान दोनों ही हैं और दोनों को ही नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। लेकिन कैंसर के लिए कॉफी का क्या प्रभाव है वह इस स्टडी से स्पष्ट हो गया है।

दरअसल, डाना-फरबेर कैंसर इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं ने पाया कि कॉलोनोरेक्टल कैंसर यानी कोलन के कैंसर में कॉफी का सेवन बहुत फायदेमंद होता है। अगर कैंसर के मरीज दिन में 4 या उस से अधिक कप कॉफी पीते हैं तो कैंसर बढ़ने से रुकता है और बचने की सम्भावना भी बढ़ती है।

क्या कहती है यह स्टडी

शोध में कॉलोनोरेक्टल कैंसर से जुड़ी बहुत महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है जिससे आने वाले समय में मेडिकल साइंस में बड़ा बदलाव आने की सम्भावना जताई जा रही है। इस स्टडी के सीनियर ऑथर डॉ किमि नजी कहते हैं,”कॉलोनोरेक्टल कैंसर में जान बचाने की दर और कैंसर के और बदतर स्थिति में पहुंचने को कॉफी से रोका जा सकता है। हालांकि अभी यह कहना उचित नहीं होगा कि कॉफी कॉलोनोरेक्टल कैंसर का इलाज है।”

इस स्टडी में करीब 1200 मरीजों की कैंसर स्टेज, खानपान और आदतों को स्टडी किया गया। इस स्टडी में पाया गया कि जो मरीज दिन में 3 से 4 कप कॉफी पीते थे, उनमें कैंसर उतनी तेजी से बढ़ नहीं रहा था। यही नहीं, उनमें रिकवरी रेट भी अधिक पाया गया है। कैंसर समय के साथ बढ़ता है और शरीर में फैलता है। लेकिन जो मरीज कॉफी पीते थे उनमें कॉफी ना पीने वाले मरीजों के मुकाबले कैंसर में कम बढ़त दर्ज की गई।

इसी स्टडी से जुड़े सीनियर प्रोफेसर और स्टडी के ऑथर चेन युआन कहते हैं, “कॉफी में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं यह तो हम सभी जानते हैं। लेकिन इससे पहले यह नहीं जाना जाता था कि यह एंटीऑक्सीडेंट कैंसर से लड़ने में भी कारगर होते हैं। हमने कॉफी के फायदे कैफीनेटेड और डी-कैफ दोनों कॉफी में देखें हैं।”

भविष्य में बहुत महत्वपूर्ण साबित हो सकती है यह स्टडी

डॉ नजी बताते हैं,”इस स्टडी का कैंसर ट्रीटमेंट पर क्या प्रभाव होगा यह अभी से बता पाना सम्भव नहीं है। लेकिन कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट किस तरह कैंसर फैलाने वाले कार्सिनोजेन से लड़ते हैं इस विषय में और शोध का रास्ता जरूर खुल जाएगा। यह स्टडी इस तरह का कोई दावा नहीं करती कि कॉफी पीने से कैंसर सही हो सकता है लेकिन इस पर और शोध होने के बाद यह सम्भावना है कि कॉफी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट का प्रयोग कैंसर ट्रीटमेंट में किया जाए।

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